पूनम शर्मा की कविता मेरा विश्वास

मेरा विश्वास

मैं नौ देवियों की पूजा कर
आज नव शक्तियों से भरपूर हूं,
जीवन चक्रव्यूह में फंसी में
युद्ध के लिए तैयार हूं,,,,
मैं तेरा अंश विजया
चल पड़ी हूं
तेरे नाम का झंडा लिए,,,
तूने भव्य दर्शन दे कृतार्थ किया,,,,
हारी बुझी बुझी सी शक्तिहीन मैं,
मेरी तरफ झुकाव तेरा
शक्ति शाली बना गया है मुझे,
मैं धन्य हुई हे महिषासुर मर्दिनी !
तू दानवों से युद्ध करती रही है,,,,
मैं क्यों निरीह हो हथियार डालूं !
सर्वशक्तिमान सर्वव्यापी सर्वोपरि मां,,,,,,
शक्ति का वरदान मांगती हूं ,,,
अपनी शक्ति का प्रवाह कर
मेरे शुभ कर्मों में,,,
गिरती दीवार जरूर हूं
पर थाम रखा है तूने,
मैं वो भवन हूं
जिसमें तू वास करती है
तू ढहने नहीं देगी मुझे,,,,
मेरा विश्वास है,,,,
या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम: ।

Categories:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *